सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जनसुनवाई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
फैसले में कहा गया कि आर्थिक विकास जरूरी है, लेकिन उसे पारिस्थितिकी की कीमत पर नहीं होना चाहिए। संबंधित मंत्रालय को तीन महीने में दिशानिर्देश बनाने को कहा गया है।
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